व्यूज़ पर कोई तय रकम नहीं मिलती। यूट्यूब पर पैसा सिर्फ़ उन व्यू पर बनता है जिनमें विज्ञापन चला, और विज्ञापन से आए कुल रेवेन्यू का 55% हिस्सा क्रिएटर को मिलता है। यूट्यूब के अपने उदाहरण में 5,000 व्यू वाले वीडियो पर विज्ञापन देने वाले ने 7 डॉलर खर्च किए, जिसका 55% करीब 3.85 डॉलर बनता है, लेकिन यह असली रेट नहीं, सिर्फ़ उदाहरण है।
इसीलिए 100, 1000, 10000 या 1 लाख व्यूज़ पर कितने पैसे, इसका कोई एक जवाब नहीं है। एक ही 1 लाख व्यूज़ एक चैनल पर अच्छी कमाई और दूसरे पर लगभग कुछ नहीं हो सकते। फ़र्क तीन चीज़ों से आता है: कितने व्यू पर विज्ञापन चला, विज्ञापन देने वाले ने कितना खर्च किया, और आप YouTube Partner Program में हैं या नहीं।
यह पूरा हिसाब यूट्यूब की हिंदी मदद वाली आरपीएम पेज और कमाई वाली पेज से है, जो मैंने अक्टूबर 2026 में पढ़ीं। इसी विषय पर रोमन हिंदी में यूट्यूब पर 1000 व्यूज़ का हिसाब और 1 लाख व्यूज़ पर कितने पैसे वाले लेख भी हैं।
यूट्यूब का अपना उदाहरण, कदम दर कदम
| कदम | यूट्यूब के उदाहरण में |
|---|---|
| कुल व्यू | 5,000 |
| जिन व्यू में विज्ञापन दिखा | 1,500 (1,000 में एक एक विज्ञापन, 500 में दो दो) |
| कुल विज्ञापन इंप्रेशन | 2,000 |
| विज्ञापन देने वाले का कुल खर्च | 7 डॉलर |
| हर इंप्रेशन का खर्च | 7 डॉलर को 2,000 से भाग देने पर 0.0035 डॉलर |
| सीपीएम (हर 1,000 इंप्रेशन) | 0.0035 डॉलर गुणा 1,000, यानी 3.5 डॉलर |
| क्रिएटर का हिस्सा | कुल रेवेन्यू का 55%, यानी करीब 3.85 डॉलर |
ध्यान दीजिए: 5,000 व्यू में से 3,500 व्यू पर कोई विज्ञापन नहीं चला, इसलिए उनसे विज्ञापन की कमाई नहीं बनी। यही वजह है कि व्यू की गिनती और कमाई की गिनती कभी बराबर नहीं होती।
वह गलती जो सबसे ज़्यादा लोग करते हैं
बहुत से लोग अपने व्यू को सीपीएम से गुणा करके कमाई निकालते हैं। यूट्यूब की पेज साफ़ कहती है कि आपका रेवेन्यू व्यू की संख्या को सीपीएम से गुणा करने पर मिली वैल्यू के बराबर नहीं होगा, क्योंकि सीपीएम विज्ञापन देने वाले का खर्च दिखाता है, आपकी कमाई नहीं, और हर व्यू पर विज्ञापन नहीं चलता। अपनी असली कमाई देखने के लिए आरपीएम देखिए, जो हर 1,000 व्यू पर आपकी कमाई बताता है।
1000, 10000 और 1 लाख व्यूज़ का मतलब
| व्यूज़ | सीधा जवाब |
|---|---|
| 100 व्यूज़ | YPP में हों तब भी कमाई इतनी छोटी कि डैशबोर्ड में मुश्किल से दिखे |
| 1000 व्यूज़ | आपका आरपीएम ही बताएगा, क्योंकि आरपीएम हर 1,000 व्यू की कमाई है |
| 10000 व्यूज़ | आरपीएम का दस गुना, अगर विज्ञापन वाले व्यू का हिस्सा वैसा ही रहे |
| 1 लाख व्यूज़ | आरपीएम का सौ गुना, उसी शर्त पर |
| कितने भी व्यूज़, बिना YPP | विज्ञापन की कमाई शून्य |
यह टेबल जान बूझकर कोई रकम नहीं बताती। यूट्यूब कोई रेट नहीं छापता, और हर चैनल का आरपीएम अलग होता है। अपना आरपीएम YouTube Studio के Analytics में मिलता है।
सीपीएम ऊपर नीचे क्यों होता है
यूट्यूब की पेज के मुताबिक सीपीएम में उतार चढ़ाव सामान्य है, और इसकी वजहें हैं:
- साल का समय: कई विज्ञापन देने वाले छुट्टियों से ठीक पहले ज़्यादा बोली लगाते हैं।
- दर्शकों का देश: विज्ञापन देने वाले चुनते हैं कि विज्ञापन किन देशों में दिखें, और हर देश में मुकाबला अलग होता है।
- विज्ञापन के फ़ॉर्मेट: अलग अलग तरह के विज्ञापनों का सीपीएम अलग होता है।
इसीलिए एक ही वीडियो से त्योहारों के महीने में ज़्यादा और किसी दूसरे महीने में कम कमाई हो सकती है। अगर आपके ज़्यादातर दर्शक एक ही देश से आते हैं, तो उस देश के विज्ञापन बाज़ार का मौसम आपकी कमाई का मौसम बन जाता है। इसलिए किसी एक महीने के आरपीएम को पक्का मत मानिए। कम से कम तीन चार महीनों का औसत देखिए, तभी अपने चैनल की असली तस्वीर मिलेगी।
Studio में कौन सा नंबर देखें
YouTube Studio में दो तरह का रेवेन्यू दिखता है, और दोनों को मिलाना सबसे आम गलती है। यूट्यूब की पेज के मुताबिक अनुमानित रेवेन्यू में सारे सोर्स शामिल होते हैं, जैसे चैनल की सदस्यताएँ, YouTube Premium और सुपर चैट। विज्ञापन से मिलने वाले अनुमानित रेवेन्यू में सिर्फ़ आपके वीडियो पर दिखे विज्ञापनों का पैसा होता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि व्यूज़ से कितना बना, तो विज्ञापन वाला नंबर देखिए। अगर पूरी कमाई जाननी है, तो अनुमानित रेवेन्यू।
इसी तरह व्यू, विज्ञापन इंप्रेशन और कमाई वाले प्लेबैक तीन अलग नंबर हैं। व्यू बताता है कि वीडियो कितनी बार देखा गया, विज्ञापन इंप्रेशन बताता है कि विज्ञापन कितनी बार दिखे, और कमाई वाले प्लेबैक बताते हैं कि कितनी बार वीडियो चलने पर विज्ञापन चला। कमाई इसी तीसरे नंबर से जुड़ी है।
सब्सक्राइबर के हिसाब से देखना हो तो दस हज़ार सब्सक्राइबर वाले चैनल की कमाई वाला लेख पढ़ें।
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कमाई शुरू करने की शर्त
व्यूज़ से विज्ञापन की कमाई के लिए पहले YouTube Partner Program में आना होता है: 1,000 सब्सक्राइबर और पिछले 12 महीनों में 4,000 घंटे का पब्लिक वॉच टाइम, या पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ मान्य Shorts व्यू। उसके बाद वॉच पेज वाला मॉड्यूल स्वीकार करने पर विज्ञापन चालू होते हैं। पूरी शर्तें कितने सब्सक्राइबर और व्यूज़ पर पैसे मिलते हैं में हैं।
मेरी सीधी सलाह
व्यूज़ की गिनती से कमाई मत जोड़िए, आरपीएम देखिए। अगर किसी वेबसाइट या वीडियो में 1 लाख व्यूज़ की पक्की रकम बताई जाए, तो समझ लीजिए वह अंदाज़ा है। अपनी कमाई बढ़ानी हो तो ऐसे वीडियो बनाइए जिन्हें लोग देर तक देखें, ताकि विज्ञापन चलने के मौके बढ़ें, और विज्ञापन के अलावा मेंबरशिप और सुपर थैंक्स जैसे रास्ते भी चालू रखिए।
शॉर्ट्स का हिसाब लंबे वीडियो से अलग चलता है, इसलिए यूट्यूब शॉर्ट्स पर कितना पैसा मिलता है वाला लेख देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1000 व्यूज़ पर यूट्यूब कितने पैसे देता है?
कोई तय रकम नहीं है। आपका आरपीएम ही बताता है कि हर 1,000 व्यू पर आपकी कितनी कमाई हुई, और यह हर चैनल का अलग होता है।
यूट्यूब विज्ञापन की कमाई में क्रिएटर का हिस्सा कितना है?
यूट्यूब के मुताबिक वॉच पेज के पब्लिक वीडियो पर दिखे विज्ञापनों से आए कुल रेवेन्यू का 55% हिस्सा क्रिएटर को मिलता है।
क्या व्यू को सीपीएम से गुणा करके कमाई निकलती है?
नहीं। यूट्यूब कहता है कि सीपीएम विज्ञापन देने वाले का खर्च है, आपकी कमाई नहीं, और हर व्यू पर विज्ञापन नहीं चलता।
सीपीएम क्यों बदलता रहता है?
साल का समय, दर्शकों का देश और विज्ञापन के फ़ॉर्मेट, तीनों की वजह से सीपीएम ऊपर नीचे होता है।
Studio में अनुमानित रेवेन्यू और विज्ञापन रेवेन्यू में क्या फ़र्क है?
अनुमानित रेवेन्यू में सारे सोर्स होते हैं, जैसे सदस्यताएँ, YouTube Premium और सुपर चैट। विज्ञापन वाले अनुमानित रेवेन्यू में सिर्फ़ विज्ञापनों का पैसा होता है।
बिना YPP के व्यूज़ से पैसे मिलते हैं क्या?
नहीं। विज्ञापन की कमाई के लिए पहले YouTube Partner Program में आना और वॉच पेज वाला मॉड्यूल स्वीकार करना ज़रूरी है।

